
Bihar ITI Admission 2026 बिहार राज्य में तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (Industrial Training Institutes – ITI) एक अत्यंत महत्वपूर्ण और आधारभूत भूमिका निभा रहे हैं। पारंपरिक अकादमिक शिक्षा (जैसे कला, विज्ञान या वाणिज्य में स्नातक) के समानांतर, ITI उन लाखों युवाओं के लिए एक मजबूत, सुलभ और रोजगार-उन्मुख मार्ग प्रशस्त करता है, जो अल्प अवधि के प्रशिक्षण के माध्यम से त्वरित आर्थिक स्वतंत्रता और सुरक्षित करियर की तलाश में हैं। भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (MSDE) और प्रशिक्षण महानिदेशालय (DGT) के व्यापक दिशा-निर्देशों के तहत संचालित, बिहार ITI राज्य के श्रम संसाधन विभाग द्वारा विनियमित और प्रबंधित किया जाता है ।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!यह रिपोर्ट बिहार ITI के संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र का एक विस्तृत और गहन विश्लेषण प्रस्तुत करती है। इसमें ‘बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगी परीक्षा पर्षद’ (BCECEB) द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा (ITICAT) की संरचना, आवेदन प्रक्रिया, शैक्षणिक और आयु पात्रता, विस्तृत पाठ्यक्रम, नई ऐतिहासिक आरक्षण नीति (75% कोटा), सीट आवंटन और काउंसलिंग प्रक्रिया का सूक्ष्म मूल्यांकन शामिल है। इसके अतिरिक्त, राज्य भर में फैले सरकारी और निजी ITI संस्थानों का जिला-वार वितरण, प्रमुख इंजीनियरिंग और गैर-इंजीनियरिंग ट्रेड (जैसे इलेक्ट्रीशियन, फिटर, कोपा आदि) का पाठ्यक्रम विश्लेषण, और छात्रों के लिए उपलब्ध वित्तीय सहायता (छात्रवृत्ति) योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई है। अंततः, यह रिपोर्ट सरकारी क्षेत्र (विशेषकर भारतीय रेलवे और BSPHCL) तथा निजी क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार के अवसरों और विस्तृत वेतनमान का तकनीकी विश्लेषण करती है, जो यह सिद्ध करता है कि बिहार में ITI केवल एक शैक्षणिक विकल्प नहीं, बल्कि आर्थिक सशक्तिकरण का एक रणनीतिक साधन है ।
| Online Apply Start Date : 16 March 2026 | For General, EBC, OBC : ₹ 750/- |
| Online Apply Last Date : 25 April 2026 | For SC, ST : ₹ 100/- |
| Last Date of Fee Payment : 26 April 2026 | For PH : ₹ 430/- |
| Correction Last Date : 27 – 28 April 2026 | Debit Card Credit Card Internet Banking IMPS Cash Card / Mobile Wallet |
| Exam Date : 17 May 2026 | |
| Admit Card Date : 10 May 2026 | |
| Result Declared Date : Will Be Updated Here Soon | APPLY NOW – CLICK HERE |
2. प्रवेश प्रक्रिया और नियामक ढांचा: Bihar ITI Admission 2026
बिहार राज्य के विभिन्न सरकारी और मान्यता प्राप्त निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में प्रवेश पूर्णतः एक राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से होता है, जिसे ‘औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान प्रतियोगी प्रवेश परीक्षा’ (Industrial Training Institute Competitive Admission Test – ITICAT) कहा जाता है । इस परीक्षा का आयोजन ‘बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगी परीक्षा पर्षद’ (BCECEB) द्वारा किया जाता है, जिसका गठन ‘बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगी परीक्षा अधिनियम, 1995’ के अंतर्गत किया गया है ।
2.1 महत्वपूर्ण तिथियां और वार्षिक प्रवेश चक्र
ITICAT का आयोजन प्रतिवर्ष एक निर्धारित चक्र के अनुसार किया जाता है। 2025 और 2026 के शैक्षणिक सत्रों के लिए आधिकारिक अधिसूचनाओं और संभावित कार्यक्रमों का विश्लेषण यह दर्शाता है कि प्रवेश प्रक्रिया वसंत ऋतु (मार्च-अप्रैल) में शुरू होती है और ग्रीष्म ऋतु (जुलाई-अगस्त) तक काउंसलिंग के साथ संपन्न होती है ।
नोट: ये तिथियां BCECEB के आधिकारिक कैलेंडर के अनुसार मामूली रूप से परिवर्तित हो सकती हैं, लेकिन प्रवेश चक्र का मूल ढांचा यही रहता है।
2.2 आवेदन की चरणबद्ध प्रक्रिया और Part-A / Part-B का महत्व
ITICAT के लिए आवेदन प्रक्रिया पूर्णतः ऑनलाइन (bceceboard.bihar.gov.in) संचालित होती है। यह प्रक्रिया कई तकनीकी चरणों से होकर गुजरती है, जिसे डेटा की प्रामाणिकता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है :
- पंजीकरण (Registration): उम्मीदवारों को अपने मूल विवरण (नाम, जन्म तिथि, मोबाइल नंबर, और ईमेल आईडी) के साथ पोर्टल पर पंजीकरण करना होता है। इसके उपरांत एक विशिष्ट ‘पंजीकरण संख्या’ और पासवर्ड उत्पन्न होता है ।
- व्यक्तिगत और शैक्षणिक विवरण (Personal & Educational Details): लॉगिन करने के बाद, उम्मीदवार अपने परिवार, पते और 10वीं कक्षा के प्राप्तांकों का विस्तृत विवरण दर्ज करते हैं ।
- दस्तावेज़ अपलोड (Document Upload): निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार 100 KB से कम आकार में हालिया पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो (3.5 × 4.5 CM) और हस्ताक्षर (हिंदी और अंग्रेजी दोनों में) अपलोड करना अनिवार्य है ।
- शुल्क भुगतान (Fee Payment): आवेदन शुल्क का भुगतान नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या UPI के माध्यम से किया जाता है। सामान्य और ओबीसी (OBC) श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए शुल्क ₹550 निर्धारित है, जबकि आरक्षित श्रेणियों (SC/ST) के लिए यह रियायती दर ₹100 है ।
- Confirmation Page (Part-A और Part-B): यह संपूर्ण आवेदन प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज़ है। शुल्क भुगतान के उपरांत, सबमिट किए गए आवेदन पत्र का एक ‘Confirmation Page’ उत्पन्न होता है, जिसे ‘Part-A’ और ‘Part-B’ के रूप में जाना जाता है । उम्मीदवारों को इस दस्तावेज़ को डाउनलोड करके और प्रिंट करके अपने पास सुरक्षित रखना होता है ।
Part-A और Part-B का संस्थागत महत्व: BCECEB की नीतियों के अनुसार, प्रवेश के समय काउंसलिंग और भौतिक दस्तावेज़ सत्यापन (Physical Document Verification) के दौरान Part-A और Part-B की मूल हार्ड कॉपी प्रस्तुत करना अनिवार्य है । इसमें उम्मीदवार द्वारा दर्ज किए गए सभी जनसांख्यिकीय डेटा, शैक्षणिक रिकॉर्ड और भुगतान संदर्भ होते हैं। यह दो-चरणीय फॉर्म प्रणाली यह सुनिश्चित करती है कि परीक्षा में बैठने वाले उम्मीदवार और काउंसलिंग में उपस्थित होने वाले उम्मीदवार की पहचान में कोई विसंगति न हो, जिससे किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या छद्म-उपस्थिति (Impersonation) को रोका जा सके।
2.3 Bihar ITI Admission 2026 (Eligibility Criteria)
बिहार ITI में प्रवेश के लिए उम्मीदवारों को राज्य सरकार द्वारा निर्धारित कुछ विशिष्ट शैक्षणिक और आयु संबंधी मानदंडों को पूरा करना होता है :
- न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता: उम्मीदवार का केंद्र या राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त किसी भी स्कूल शिक्षा बोर्ड (जैसे BSEB, CBSE, ICSE) से 10वीं कक्षा (मैट्रिकुलेशन) उत्तीर्ण होना अनिवार्य है । जो छात्र 10वीं की बोर्ड परीक्षा में उपस्थित हो रहे हैं (Appearing candidates), वे भी आवेदन कर सकते हैं, बशर्ते काउंसलिंग के समय तक वे अपना उत्तीर्ण प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर सकें ।
- आयु सीमा (Age Limit): कौशल विकास और शारीरिक श्रम से जुड़े प्रशिक्षण के लिए न्यूनतम परिपक्वता आवश्यक है। तदनुसार, प्रवेश वर्ष के 1 अगस्त तक उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 14 वर्ष होनी चाहिए ।
- भारी ट्रेडों के लिए विशेष आयु मानदंड: कुछ विशिष्ट ट्रेड, जैसे ‘मैकेनिक मोटर व्हीकल’ (Mechanic Motor Vehicle) और ‘मैकेनिक ट्रैक्टर’ (Mechanic Tractor), जिनमें भारी मशीनरी के संचालन, उन्नत उपकरणों के उपयोग और उच्च स्तर की औद्योगिक सुरक्षा जागरूकता की आवश्यकता होती है, उनके लिए न्यूनतम आयु सीमा बढ़ाकर 17 वर्ष निर्धारित की गई है ।
- अधिकतम आयु सीमा (Upper Age Limit): इस प्रणाली की सबसे प्रगतिशील विशेषता यह है कि इसमें कोई ‘अधिकतम आयु सीमा’ निर्धारित नहीं की गई है । यह ‘आजीवन सीखने’ (Lifelong Learning) की अवधारणा को बढ़ावा देता है, जिससे किसी भी उम्र का व्यक्ति अपने कौशल को उन्नत कर सकता है और कार्यबल में पुनः प्रवेश कर सकता है।
3. परीक्षा पैटर्न और पाठ्यक्रम (Syllabus) का सूक्ष्म विश्लेषण
ITICAT प्रवेश परीक्षा एक कठोर मूल्यांकन प्रणाली है, जिसे इस प्रकार डिज़ाइन किया गया है कि यह तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए छात्र की मूलभूत तार्किक क्षमता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सामान्य जागरूकता का परीक्षण कर सके।
3.1 परीक्षा का संरचनात्मक ढांचा (Exam Pattern)
यह परीक्षा पूर्णतः वस्तुनिष्ठ (Objective Type – Multiple Choice Questions) होती है और इसे राज्य स्तर पर आयोजित किया जाता है । परीक्षा की अवधि और अंकों का वितरण इस प्रकार है:
| विषय (Subjects) | खंड (Sections) | प्रश्नों की संख्या | अधिकतम अंक |
| गणित (Mathematics) | खंड 1 | 50 | 100 |
| सामान्य विज्ञान (General Science) | खंड 2 | 50 | 100 |
| सामान्य ज्ञान (General Knowledge) | खंड 3 | 50 | 100 |
| कुल (Total) | 3 खंड | 150 | 300 |
महत्वपूर्ण तकनीकी पहलू:
- परीक्षा की अवधि: उम्मीदवारों को 150 प्रश्नों को हल करने के लिए कुल 2 घंटे और 15 मिनट (135 मिनट) का समय दिया जाता है । इसका अर्थ है कि एक प्रश्न को पढ़ने, समझने और ओएमआर (OMR) शीट पर उत्तर अंकित करने के लिए उम्मीदवार के पास औसतन 54 सेकंड का समय होता है। यह गति (Speed) और सटीकता (Accuracy) दोनों का परीक्षण करता है ।
- मार्किंग स्कीम (Marking Scheme): प्रत्येक सही उत्तर के लिए 2 अंक प्रदान किए जाते हैं ।
- नकारात्मक अंकन का अभाव (No Negative Marking): ITICAT की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें गलत उत्तरों के लिए कोई अंक नहीं काटे जाते हैं ।
नकारात्मक अंकन के अभाव का मनोवैज्ञानिक और प्रतिस्पर्धी प्रभाव:
नकारात्मक अंकन की अनुपस्थिति उम्मीदवारों को ‘अनुमान लगाने’ (Educated Guessing) की स्वतंत्रता देती है। इसके परिणामस्वरूप, उम्मीदवार आमतौर पर सभी 150 प्रश्नों का प्रयास करते हैं। हालांकि, इसका एक बड़ा प्रभाव परीक्षा के कट-ऑफ (Cut-off) पर पड़ता है। चूँकि दंड का कोई भय नहीं होता, औसत प्राप्तांक ऐतिहासिक रूप से उच्च होते हैं (प्रायः 300 में से 200 के पार), जिससे एक-एक अंक पर मेरिट सूची में सैकड़ों रैंक का उतार-चढ़ाव देखा जाता है।
3.2 विषयवार विस्तृत पाठ्यक्रम (Subject-wise Detailed Syllabus)
ITICAT का पाठ्यक्रम मुख्य रूप से बिहार स्कूल शिक्षा बोर्ड (BSEB) और NCERT के 10वीं कक्षा (मैट्रिक) के मानकों पर आधारित है ।
1. गणित (Mathematics):
गणित को ITI के लगभग सभी इंजीनियरिंग ट्रेडों (जैसे फिटर, ड्राफ्ट्समैन, टर्नर, इलेक्ट्रीशियन) के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि कार्यशाला की गणना, ब्लूप्रिंट पढ़ने और मशीनिंग टॉलरेंस को समझने के लिए ठोस गणितीय आधार की आवश्यकता होती है।
- बीजगणित और संख्या प्रणाली: संख्या श्रृंखला (Number Series), द्विघात समीकरण (Quadratic Equations), असमानताएं (Inequalities), सम्मिश्र संख्याएं (Complex Numbers) ।
- अंकगणित (Arithmetic): अनुपात और समानुपात (Ratio & Proportion), प्रतिशत (Percentage), औसत (Average), लाभ और हानि (Profit and Loss), साधारण और चक्रवृद्धि ब्याज (Simple and Compound Interest), समय और कार्य (Time and Work), गति, समय और दूरी (Time, Speed and Distance), मिश्रण (Mixture and Alligation) ।
- ज्यामिति और त्रिकोणमिति (Geometry & Trigonometry): 3-D ज्यामिति (3-D Geometry), निर्देशांक ज्यामिति (Coordinate Geometry), त्रिकोणमिति (Trigonometry), मेंसुरेशन (Mensuration) ।
- उन्नत गणित (Advanced Math): मैट्रिक्स और निर्धारक (Matrices & Determinants), सांख्यिकी और प्रायिकता (Statistics and Probability), क्रमचय और संचय (Permutations and Combinations), द्विपद प्रमेय (Binomial Theorem), कलन (Integral Calculus), और सदिश बीजगणित (Vector Algebra) ।
2. सामान्य विज्ञान (General Science): यह खंड विशुद्ध रूप से भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान के मूलभूत सिद्धांतों पर केंद्रित है। ITI में मशीनरी, विद्युत प्रवाह, और रसायनों के साथ काम करना होता है, इसलिए यह अनुभाग सुरक्षा और समझ की दृष्टि से महत्वपूर्ण है ।
- भौतिकी (Physics): गति और गति के नियम (Motion & Laws of Motion), कार्य, ऊर्जा और शक्ति (Work, Energy, and Power), गुरुत्वाकर्षण (Gravitation), ऊष्मागतिकी और ऊष्मा (Heat and Thermodynamics), ध्वनि (Sound), प्रकाश (Light) ।
- रसायन विज्ञान (Chemistry): तत्व और यौगिक (Elements and Compounds), परमाणु संरचना (Atomic Structure), अम्ल और क्षार (Acids and Bases), रासायनिक प्रतिक्रियाएं (Chemical Reactions), और आवर्त सारणी (Periodic Table) ।
- जीव विज्ञान (Biology): मानव शरीर प्रणाली (Human Body Systems), पोषण (Nutrition), पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem), सूक्ष्मजीव (Microorganisms), और विभिन्न रोग एवं उनकी रोकथाम (Diseases and Prevention) ।
3. सामान्य ज्ञान (General Knowledge – GK): तकनीकी प्रशिक्षण के प्रवेश में सामान्य ज्ञान को शामिल करने का मुख्य कारण यह सुनिश्चित करना है कि छात्र केवल यांत्रिक कौशल तक सीमित न रहें, बल्कि अपने आस-पास के राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, सामाजिक और आर्थिक परिवेश के प्रति भी जागरूक हों ।
- इतिहास और संस्कृति: भारतीय इतिहास (Indian History), भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन (Indian National Movement), और भारतीय संस्कृति (Indian Culture) ।
- भूगोल और पर्यावरण: पर्यावरण (Environment), भारत का भूगोल (Geography), और भारत की राजधानियाँ (Capitals of India) ।
- राजव्यवस्था और अर्थव्यवस्था: भारतीय संसद (Indian Parliament), सामान्य राजनीति (General Polity), भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy), बजट और पंचवर्षीय योजनाएं (Budget and Five Year Plans) ।
- विविध और करंट अफेयर्स: महत्वपूर्ण दिवस (Important Days), प्रसिद्ध पुस्तकें और लेखक (Famous Books & Authors), पुरस्कार और सम्मान (Awards and Honors), अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय संगठन (International & National Organizations), खेल (Sports), विज्ञान में आविष्कार और खोजें (Science – Inventions & Discoveries), और बुनियादी कंप्यूटर ज्ञान (Basic Computer) ।
3.3 तैयारी की रणनीति और सर्वश्रेष्ठ अध्ययन सामग्री (Best Books for Preparation)
ITICAT की तैयारी के लिए छात्रों को मुख्य रूप से 9वीं और 10वीं कक्षा की NCERT पाठ्यपुस्तकों का गहन अध्ययन करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि ये पुस्तकें अवधारणाओं की स्पष्टता (Conceptual Clarity) के लिए सर्वोत्तम हैं । इसके अतिरिक्त, प्रतियोगी दृष्टिकोण से अभ्यास करने के लिए निम्नलिखित मानक पुस्तकों का उपयोग अत्यधिक अनुशंसित है:
| विषय | अनुशंसित पुस्तक (Recommended Book) | लेखक / प्रकाशक (Author/Publisher) |
| संपूर्ण गाइड (Overall Guide) | Bihar ITI Entrance Exam Study Guide | अरिहंत एक्सपर्ट्स (Arihant Experts) |
| संपूर्ण गाइड (Overall Guide) | Bihar ITI Guide | यूनिक न्यू भारती पब्लिकेशन (Unique New Bharti) |
| गणित (Mathematics) | Quantitative Aptitude (मात्रात्मक रुझान) | आर.एस. अग्रवाल (R.S. Aggarwal) |
| सामान्य विज्ञान (General Science) | Lucent’s General Science (सामान्य विज्ञान) | ल्यूसेंट पब्लिकेशन (Lucent) |
| सामान्य ज्ञान (General Knowledge) | Lucent’s General Knowledge / सामान्य ज्ञान | ल्यूसेंट / मनोहर पांडे (Lucent / Manohar Pandey) |
अरिहंत पब्लिकेशन्स की ‘Bihar ITI Entrance Exam Guide’ विशेष रूप से लोकप्रिय है क्योंकि यह हिंदी माध्यम में उपलब्ध है और इसमें पिछले वर्षों के हल किए गए प्रश्न पत्र (PYQs) और मॉडल प्रैक्टिस सेट शामिल होते हैं, जो उम्मीदवारों को परीक्षा के वास्तविक अनुभव से परिचित कराते हैं ।
4. कट-ऑफ रुझान (Cut-off Trends) और सीट आवंटन की गतिशीलता
प्रवेश परीक्षा संपन्न होने के बाद, BCECEB कट-ऑफ मार्क्स और रैंक कार्ड जारी करता है। कट-ऑफ वह न्यूनतम अंक है जो किसी उम्मीदवार को मेरिट सूची में स्थान प्राप्त करने और काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लेने के लिए आवश्यक होता है ।
4.1 कट-ऑफ निर्धारित करने वाले कारक
ITICAT के कट-ऑफ अंक कभी भी स्थिर नहीं होते हैं। वे प्रतिवर्ष निम्नलिखित कारकों के आधार पर बदलते हैं :
- परीक्षा का कठिनाई स्तर: यदि प्रश्न पत्र जटिल है, तो कट-ऑफ गिर जाता है, और यदि आसान है तो कट-ऑफ बढ़ जाता है।
- आवेदकों की कुल संख्या: परीक्षा में बैठने वाले उम्मीदवारों की संख्या जितनी अधिक होगी, प्रतिस्पर्धा और कट-ऑफ भी उतना ही अधिक होगा।
- उपलब्ध सीटों की कुल संख्या: राज्य के सभी सरकारी और निजी ITI कॉलेजों में उपलब्ध स्वीकृत सीटों का सीधा प्रभाव कट-ऑफ पर पड़ता है।
- आरक्षण नीतियां: विभिन्न आरक्षित श्रेणियों (SC, ST, OBC, EWS) के लिए अलग-अलग कट-ऑफ निर्धारित किए जाते हैं ।
- नकारात्मक अंकन का अभाव: जैसा कि पहले उल्लेख किया गया है, नकारात्मक अंकन न होने के कारण छात्र अधिक स्कोर करते हैं, जिससे सामान्य कट-ऑफ हमेशा उच्च स्तर पर बना रहता है।
4.2 संभावित और ऐतिहासिक कट-ऑफ अंक (300 में से)
2023 और 2024 के परीक्षा परिणामों और रुझानों का विश्लेषण करने पर, विभिन्न श्रेणियों के लिए एक स्पष्ट कट-ऑफ पैटर्न उभर कर आता है :
| श्रेणी (Category) | अपेक्षित कट-ऑफ अंक (Expected Cut-off Marks) | न्यूनतम अर्हता प्रतिशत |
| अनारक्षित / सामान्य (General/UR) | 300 – 320 (संभावित सीमा में विसंगति, वस्तुतः यह 300 अंकों की परीक्षा में 60% के आसपास होता है, अर्थात 180-200 अंक) | 60% |
| अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC / BC) | 280 – 300 (संभावित) | 55% |
| आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) | 280 – 300 (संभावित) | 55% |
| अनुसूचित जाति (SC) | 240 – 260 (संभावित) | 50% |
| अनुसूचित जनजाति (ST) | 220 – 240 (संभावित) | 50% |
| दिव्यांगजन (PwD) | – | 40% |
विश्लेषणात्मक नोट: डेटा स्रोतों में दिए गए 300-320 अंक 300 अंकों की कुल परीक्षा सीमा से अधिक प्रतीत होते हैं। यह या तो रैंक का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं या किसी अन्य मूल्यांकन मीट्रिक का। फिर भी, स्पष्ट सत्य यह है कि शीर्ष सरकारी कॉलेजों (जैसे ITI दीघा घाट, पटना) में प्रवेश प्राप्त करने के लिए सामान्य श्रेणी के छात्र को कम से कम 60% से 65% अंक सुरक्षित करने का लक्ष्य रखना चाहिए।
5. बिहार की ऐतिहासिक आरक्षण नीति 2023 (Historic Reservation Policy)
बिहार ITI प्रवेश प्रणाली में सीट आवंटन का सबसे महत्वपूर्ण और निर्णायक कारक राज्य की आरक्षण नीति है। नवंबर 2023 में, बिहार सरकार ने एक ऐतिहासिक विधान पारित किया जिसने राज्य के शैक्षणिक और रोजगार परिदृश्य को गहराई से बदल दिया।
5.1 बिहार जाति आधारित गणना (Caste Survey 2022-23) का प्रभाव
बिहार सरकार ने जून 2022 से अगस्त 2023 के बीच एक व्यापक जाति आधारित गणना (Bihar Caste Survey) आयोजित की । इस सर्वेक्षण ने राज्य की संपूर्ण आबादी की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति का अध्ययन किया । सर्वेक्षण की रिपोर्ट में यह उद्घाटित हुआ कि राज्य की 85% आबादी पिछड़े समुदायों से संबंधित है और इन समुदायों के लगभग 98 लाख परिवारों की मासिक आय ₹6,000/- से भी कम है । इसके अतिरिक्त, सरकारी सेवाओं और उच्च शिक्षण संस्थानों में इन समुदायों का प्रतिनिधित्व उनकी जनसंख्या के अनुपात में काफी कम था ।
इस वस्तुनिष्ठ (Objective) डेटा के आधार पर, बिहार विधानमंडल ने सर्वसम्मति से ‘बिहार पदों और सेवाओं में रिक्तियों का आरक्षण (संशोधन) अधिनियम, 2023’ (The Bihar Reservation of Vacancies in Posts and Services (Amendment) Act, 2023) पारित किया । इस अधिनियम ने पिछड़े वर्गों (OBC, EBC), अनुसूचित जातियों (SC), और अनुसूचित जनजातियों (ST) के लिए आरक्षण के दायरे को 50% से बढ़ाकर 65% कर दिया ।
5.2 75% आरक्षण की वर्तमान संरचना
65% सामाजिक-शैक्षणिक आरक्षण के साथ, केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित ‘आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग’ (EWS) के लिए 10% अतिरिक्त आरक्षण को मिलाकर, बिहार ITI प्रवेश में अब कुल 75% आरक्षण लागू है । केवल 25% सीटें अनारक्षित (General/Unreserved) श्रेणी के लिए खुली हैं।
बिहार ITI के लिए विस्तृत आरक्षण प्रतिशत (Detailed Reservation Percentages):
| बिहार सरकार के अनुसार श्रेणी (Main Category) | आरक्षण प्रतिशत (Reservation Percentage) |
| अत्यंत पिछड़ा वर्ग (Extremely Backward Class – EBC) | 25.0% (पहले 18% था) |
| अनुसूचित जाति (Scheduled Castes – SC) | 20.0% (पहले 16% था) |
| पिछड़ा वर्ग (Backward Class – BC) | 18.0% (पहले 12% था) |
| अनुसूचित जनजाति (Scheduled Tribes – ST) | 2.0% (पहले 1% था) |
| कुल सामाजिक-शैक्षणिक आरक्षण (Total Social-Educational Quota) | 65.0% |
| आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (Economically Weaker Section – EWS) | 10.0% |
| कुल आरक्षण (Total Reservation) | 75.0% |
| अनारक्षित / सामान्य (Unreserved / General – UR) | 25.0% |
5.3 क्षैतिज आरक्षण और विशेष कोटा (Horizontal Reservation & Special Quotas)
लंबवत (Vertical) आरक्षण के अलावा, ITI संस्थानों में समाज के विशेष वर्गों को प्रोत्साहित करने के लिए क्षैतिज आरक्षण की भी व्यवस्था है:
- आरक्षित वर्ग की लड़कियां (Reserved Category Girls – RCG): ऐतिहासिक रूप से 3% सीटें RCG के लिए आरक्षित रही हैं ।
- भूतपूर्व सैनिक कोटा (Servicemen Quota – SMQ) और विकलांग कोटा (Disabled Quota – DQ): राज्य भर के नियमित सरकारी ITI संस्थानों (लगभग 21,828 कुल सीटें) में, कुल उपलब्ध सीटों का 5% DQ के लिए आरक्षित होता है। SMQ की सीटें भी कुल क्षमता के भीतर (लगभग 5% तक) समायोजित की जाती हैं ।
- भूमि दाता कोटा (Land Donor Quota – LDQ): कुछ विशेष संस्थानों, जैसे ITI मढ़ौरा, सारण (ITI Marhowrah, Saran) में प्रत्येक ट्रेड में 1 सीट भूमि दाताओं (LDQ) के लिए सामान्य श्रेणी के तहत आरक्षित की गई है, जो उन परिवारों को सम्मानित करने का एक तरीका है जिन्होंने संस्थान के निर्माण के लिए अपनी भूमि दान की थी ।
- महिला ITI (WITI – Women ITIs): महिलाओं को तकनीकी क्षेत्र में आगे लाने के लिए राज्य सरकार ने राज्य भर में विशेष महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान स्थापित किए हैं, जिनकी कुल क्षमता 4,000 से अधिक है। पटना स्थित WITI दीघा घाट इसका एक प्रमुख उदाहरण है, जहाँ इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक जैसे ट्रेडों में 100% सीटें केवल छात्राओं के लिए आरक्षित हैं ।
6. काउंसलिंग प्रक्रिया और भौतिक दस्तावेज़ सत्यापन (Counselling Process & Document Verification)
ITICAT प्रवेश परीक्षा परिणाम और मेरिट सूची (Rank Card) जारी होने के बाद, BCECEB ऑनलाइन काउंसलिंग की एक पारदर्शी और चरणबद्ध प्रक्रिया आयोजित करता है ।
6.1 काउंसलिंग के मुख्य चरण
- रैंक कार्ड डाउनलोड करना: उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना रोल नंबर और जन्म तिथि दर्ज करके ‘Rank Card of ITICAT’ डाउनलोड करते हैं ।
- पंजीकरण और च्वाइस फिलिंग (Registration & Choice Filling): उम्मीदवारों को काउंसलिंग पोर्टल पर एक नया पंजीकरण करना होता है। इसके बाद, उन्हें अपनी पसंद के ITI कॉलेजों और ट्रेडों का चयन (Choice Filling) करना होता है। इस प्रक्रिया में विकल्पों की संख्या की कोई सीमा नहीं होती; उम्मीदवार अपनी प्राथमिकता के अनुसार कितने भी ट्रेड और संस्थान चुन सकते हैं ।
- च्वाइस लॉकिंग (Choice Locking) और सीट आवंटन (Seat Allotment): निर्धारित अंतिम तिथि तक विकल्पों को ‘लॉक’ करना होता है। इसके बाद, उम्मीदवार के रैंक, आरक्षण श्रेणी और विकल्पों के आधार पर BCECEB प्रोविजनल सीट आवंटन (Provisional Seat Allotment Order) परिणाम प्रकाशित करता है ।
- अपग्रेडेशन (Upgradation): यदि किसी उम्मीदवार को उसकी पहली पसंद का कॉलेज या ट्रेड नहीं मिलता है, तो वह सीट आवंटन आदेश डाउनलोड करते समय ‘Upgradation’ (हां) का विकल्प चुन सकता है, जिससे उसे अगले राउंड में बेहतर विकल्प मिलने की संभावना रहती है ।
6.2 भौतिक दस्तावेज़ सत्यापन (Physical Document Verification)
सीट आवंटित होने के बाद, उम्मीदवार को व्यक्तिगत रूप से आवंटित रिपोर्टिंग या नोडल केंद्र (Reporting / Nodal Centre) पर उपस्थित होना अनिवार्य है । इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य उम्मीदवार की पहचान, शैक्षणिक योग्यता और आरक्षण दावों की सत्यता की जांच करना है।
आवश्यक दस्तावेजों की विस्तृत सूची (Documents Required): उम्मीदवारों को निम्नलिखित मूल दस्तावेजों और उनकी स्व-प्रमाणित फोटोकॉपी का सेट साथ लाना होता है :
- ITICAT संबंधित दस्तावेज़: ITICAT का एडमिट कार्ड, रैंक कार्ड, और प्रोविजनल सीट अलॉटमेंट लेटर ।
- आवेदन पत्र: ऑनलाइन भरे गए आवेदन फॉर्म की ‘Confirmation Page’ (Part-A और Part-B की हार्ड कॉपी) ।
- शैक्षणिक प्रमाण पत्र: 10वीं कक्षा (मैट्रिक) का एडमिट कार्ड, मार्कशीट (Scorecard), और मूल उत्तीर्ण प्रमाण पत्र ।
- संस्थान छोड़ने के दस्तावेज़: विद्यालय परित्याग प्रमाण पत्र (School Leaving Certificate – SLC) और माइग्रेशन सर्टिफिकेट (Migration Certificate) ।
- पहचान और जनसांख्यिकीय प्रमाण पत्र: बिहार का स्थायी निवास प्रमाण पत्र (Domicile Certificate), और उम्मीदवार का आधार कार्ड ।
- आरक्षण दस्तावेज़: सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी किया गया जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate) या EWS प्रमाण पत्र, जो आरक्षण के दावों का समर्थन करता हो ।
- अन्य आवश्यक दस्तावेज़: मेडिकल फिटनेस टेस्ट रिपोर्ट (Medical test report), स्व-प्रमाणित चरित्र प्रमाण पत्र (Character Certificate), एंटी-रैगिंग अंडरटेकिंग, बैंक पासबुक या कैंसल्ड चेक की प्रति (जिसमें उम्मीदवार के खाते का विवरण स्पष्ट हो), और 6 पासपोर्ट साइज फोटो (वही फोटो जो ITICAT एडमिट कार्ड पर चिपकाई गई थी) ।
सत्यापन के नियम: यदि ऑनलाइन आवेदन में दी गई जानकारी और प्रस्तुत किए गए मूल दस्तावेजों के बीच कोई विसंगति पाई जाती है, तो उम्मीदवार का प्रवेश तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया जाता है ।
6.3 मॉप-अप राउंड (Mop-Up Round)
प्रथम और द्वितीय राउंड की काउंसलिंग के बाद, यदि किसी संस्थान में सीटें रिक्त रह जाती हैं, तो उन्हें भरने के लिए ‘मॉप-अप राउंड’ का आयोजन किया जाता है । यह प्रक्रिया प्रायः सितंबर-अक्टूबर माह में होती है। मॉप-अप राउंड के लिए उम्मीदवारों को पोर्टल पर नई ‘willingness’ दर्ज करनी होती है, और यह स्पॉट एडमिशन (Spot Admission) की तरह कार्य करता है ।
7. बिहार के प्रमुख सरकारी ITI संस्थान और जिला-वार फैलाव
श्रम संसाधन विभाग, बिहार और NCVT MIS पोर्टल के विस्तृत आंकड़ों के अनुसार, बिहार में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के नेटवर्क का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। राज्य भर में कुल 1228 ITI (सरकारी और निजी मिलाकर) संचालित हो रहे हैं । यह विशाल अवसंरचना राज्य के बढ़ते औद्योगिकीकरण और युवाओं की तकनीकी शिक्षा के प्रति बढ़ती रुचि का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
7.1 जिला-वार ITI का वितरण (District-wise ITI Profile)
कुछ प्रमुख जिलों में ITI की संख्या और उनका संकेंद्रण (Concentration) इस प्रकार है, जो यह दर्शाता है कि राज्य के शहरी और औद्योगिक केंद्रों में तकनीकी शिक्षा की मांग सबसे अधिक है :
- पटना (Patna): राज्य की राजधानी होने के नाते, पटना में सबसे अधिक 223 ITI संचालित हैं, जिनमें 37 विभिन्न ट्रेड उपलब्ध हैं, और यहाँ सीट उपयोगिता दर (Seat Utilization) 89.19% है।
- गया (Gaya): मगध प्रमंडल के इस प्रमुख जिले में 86 ITI हैं।
- नालंदा (Nalanda): 85 ITI के साथ नालंदा भी तकनीकी शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र है।
- रोहतास (Rohtas): 66 ITI संस्थानों के साथ यह जिला औद्योगिकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
- मुजफ्फरपुर (Muzaffarpur): 59 ITI संस्थानों के साथ उत्तर बिहार का यह प्रमुख शहर तकनीकी कौशल विकास में अग्रणी है।
- वैशाली (Vaishali): 58 ITI संस्थान।
- भोजपुर (Bhojpur) और सारण (Saran): क्रमशः 49 और 48 ITI संस्थान।
7.2 बिहार के शीर्ष 10 सरकारी ITI (Top 10 Government ITIs in Bihar)
निजी ITI की तुलना में सरकारी ITI संस्थानों में प्रशिक्षण को अधिक महत्व दिया जाता है क्योंकि यहाँ फीस अत्यंत न्यूनतम (पूरे कोर्स के लिए औसतन ₹1,000 से ₹15,000 के बीच) होती है और NCVT द्वारा प्रमाणित उन्नत कार्यशालाएं उपलब्ध होती हैं। राज्य के कुछ शीर्ष सरकारी संस्थान निम्नलिखित हैं:
- ITI दीघा घाट, पटना (ITI Digha Ghat, Patna): यह राज्य के सबसे पुराने, बड़े और प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक है। यहाँ इलेक्ट्रीशियन, फिटर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक, और मैकेनिक ऑटो बॉडी रिपेयर जैसे उच्च मांग वाले ट्रेडों में NCVT मान्यता प्राप्त सीटें उपलब्ध हैं ।
- सरकारी ITI, मुजफ्फरपुर (Govt ITI Muzaffarpur): उत्तर बिहार के इस प्रमुख संस्थान में फाउंड्रीमैन (Foundryman), इलेक्ट्रीशियन, फिटर, और इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक जैसे ट्रेडों में उत्कृष्ट प्रशिक्षण दिया जाता है ।
- सरकारी ITI, गया (Govt ITI Gaya): केंदुई चंद चौराहा के पास स्थित यह संस्थान मगध क्षेत्र के छात्रों के लिए प्रमुख आकर्षण है ।
- ITI बिहटा, दानापुर, पटना (ITI Bihta, Danapur): पटना जिले का एक और महत्वपूर्ण संस्थान। सीट मैट्रिक्स के अनुसार, यहाँ इलेक्ट्रीशियन की 15 सीटें, फिटर की 15, इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक की 18, वेल्डर की 30, और मैकेनिक डीजल की 36 सीटें उपलब्ध हैं। इसके अलावा, यहाँ ‘तकनीशियन मेक्ट्रोनिक्स’ (Technician Mechatronics) और ‘ICTSM’ जैसे आधुनिक 4.0 इंडस्ट्री ट्रेड भी संचालित होते हैं ।
- सरकारी ITI मढ़ौरा, सारण (Govt ITI Marhowrah, Saran): यह संस्थान अपने बेहतरीन बुनियादी ढांचे के लिए जाना जाता है और यहाँ लैंड डोनर कोटा (LDQ) के तहत सीटें भी आरक्षित हैं ।
- ITI बेतिया (ITI Bettiah): पश्चिम चंपारण जिले का यह संस्थान ड्राफ्ट्समैन सिविल (Draughtsman Civil), मैकेनिक ट्रैक्टर, मैकेनिक डीजल और वेल्डर ट्रेडों के लिए प्रसिद्ध है ।
- सरकारी ITI, नवादा (Govt ITI Nawada): मैकेनिक ट्रैक्टर, इलेक्ट्रीशियन और फिटर ट्रेडों में गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण के लिए जाना जाता है ।
- सरकारी ITI, दरभंगा – रामनगर (Government ITI Darbhanga – Ramnagar) ।
- सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, मुंगेर – पूरब सराय (Government Industrial Training Institute, Munger) ।
- सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, हाजीपुर, वैशाली (Government Industrial Training Institute Hajipur, Vaishali) ।
8. प्रमुख ITI ट्रेडों का विश्लेषण: पाठ्यक्रम, कार्य प्रोफ़ाइल और औद्योगिक मांग
ITI में पेश किए जाने वाले पाठ्यक्रमों को मुख्यतः दो श्रेणियों में विभाजित किया गया है: इंजीनियरिंग ट्रेड (जैसे इलेक्ट्रीशियन, फिटर) और गैर-इंजीनियरिंग ट्रेड (जैसे COPA, कटिंग एंड सिलाई)। बिहार के औद्योगिकीकरण के परिदृश्य—जैसे चीनी मिलों, रेलवे वर्कशॉप (जैसे जमालपुर लोकोमोटिव वर्कशॉप), ऊर्जा उत्पादन, और ऑटोमोबाइल क्षेत्र—को देखते हुए, कुछ ट्रेडों की मांग स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर अत्यधिक है ।
8.1 इलेक्ट्रीशियन (Electrician)
यह 2 वर्षीय इंजीनियरिंग ट्रेड पूरे भारत में सबसे अधिक वेतन क्षमता और सर्वोच्च रोजगार दर (Seat Utilization Rate: 96.57%) वाला ट्रेड है ।
- पाठ्यक्रम की रूपरेखा: DGT के दिशा-निर्देशों के अनुसार, यह कोर्स 4 सेमेस्टरों में विभाजित है ।
- प्रथम वर्ष (Semester 1 & 2): छात्रों को व्यावसायिक सुरक्षा और स्वास्थ्य (Occupational Safety & Health), प्राथमिक चिकित्सा, अग्नि सुरक्षा, विभिन्न प्रकार की अर्थिंग (Earthing), बुनियादी वायरिंग (Basic wiring), और चुंबकत्व (Magnetism & Capacitors) के मूलभूत सिद्धांत पढ़ाए जाते हैं । साथ ही, मार्किंग टूल, ड्रिलिंग और बढ़ईगीरी (Carpentry) का बुनियादी ज्ञान भी दिया जाता है ।
- द्वितीय वर्ष: इसमें उन्नत विषय शामिल हैं, जैसे घरेलू और औद्योगिक वायरिंग की टेस्टिंग, ऊर्जा मीटर (Energy meter) की स्थापना, और फाल्ट का पता लगाना ।
- जॉब प्रोफ़ाइल और मांग: इलेक्ट्रीशियन इमारतों, मशीनों और उपकरणों की इलेक्ट्रिकल केबलिंग का कार्य करते हैं । ऊर्जा क्षेत्र (जैसे BSPHCL, पावर ग्रिड), निर्माण कंपनियों और रियल एस्टेट में इनकी निरंतर भारी मांग रहती है ।
8.2 फिटर (Fitter)
यह 2 वर्षीय ट्रेड मैन्युफैक्चरिंग, रक्षा उत्पादन, और भारी मशीनरी उद्योग की ‘रीढ़’ माना जाता है। NCVT MIS के अनुसार इसकी सीट उपयोगिता दर 91.11% है ।
- पाठ्यक्रम और कार्य प्रोफ़ाइल: फिटर मुख्य रूप से धातुओं को काटने, आकार देने, और विभिन्न मशीनरी पुर्जों को सटीक रूप से जोड़ने (Assembling) का कार्य करते हैं। इसमें पाइप फिटिंग (Pipe fitting), संरचनात्मक कार्य (Structural work), और रखरखाव (Maintenance) शामिल है ।
- औद्योगिक मांग: भारतीय रेलवे, ऑटोमोबाइल उद्योगों (जैसे Tata Motors), और मिडिल ईस्ट देशों (खाड़ी क्षेत्र) में फिटर के लिए विशाल अंतरराष्ट्रीय स्कोप है ।
8.3 मैकेनिक डीजल (Mechanic Diesel)
यह 1 वर्ष की अवधि का एक छोटा लेकिन अत्यंत प्रभावी इंजीनियरिंग ट्रेड है ।
- कार्य प्रोफ़ाइल: इस कोर्स में मुख्य रूप से डीजल इंजनों के रखरखाव, मरम्मत, और ओवरहॉलिंग का प्रशिक्षण दिया जाता है।
- करियर स्कोप: यह ट्रेड उन छात्रों के बीच अत्यधिक लोकप्रिय है जो भारतीय रेलवे में ‘असिस्टेंट लोको पायलट’ (ALP) बनना चाहते हैं, क्योंकि यह रेलवे में तकनीकी प्रवेश के लिए सबसे छोटे मार्गों में से एक है । इसके अतिरिक्त, ऑटोमोबाइल गैरेज और कृषि मशीनरी सेक्टर (जैसे ट्रैक्टर मरम्मत) में इसकी बहुत मांग है।
8.4 कंप्यूटर ऑपरेटर और प्रोग्रामिंग असिस्टेंट (COPA)
COPA एक 1 वर्षीय गैर-इंजीनियरिंग ट्रेड है, जो डिजिटल साक्षरता और कार्यालय स्वचालन (Office Automation) पर केंद्रित है ।
- कार्य प्रोफ़ाइल और मांग: यह ट्रेड छात्रों को डेटा एंट्री, बेसिक प्रोग्रामिंग, इंटरनेट एप्लिकेशन और हार्डवेयर मेंटेनेंस का ज्ञान देता है । सरकारी विभागों में क्लर्क, डेटा एंट्री ऑपरेटर (DEO), और निजी कार्यालयों में प्रशासनिक सहायक के रूप में इनकी व्यापक मांग है ।
8.5 रेफ्रिजरेशन एंड एयर कंडीशनिंग मैकेनिक (RAC)
यह 2 वर्षीय इंजीनियरिंग ट्रेड है ।
- कार्य प्रोफ़ाइल: इसमें AC, रेफ्रिजरेटर, और चिलिंग प्लांट के इंस्टॉलेशन, रखरखाव और मरम्मत का तकनीकी ज्ञान दिया जाता है ।
- मांग: भारत में बढ़ते शहरीकरण, वाणिज्यिक परिसरों (Malls/Hospitals), और बदलती जलवायु के कारण इस क्षेत्र में कुशल तकनीशियनों की मांग वर्ष भर बनी रहती है। वेतनमान ₹3.0 से ₹6.0 लाख प्रति वर्ष तक जा सकता है ।
8.6 आधुनिक और उभरते ट्रेड (Emerging Trades)
भारत सरकार के ‘स्किल इंडिया’ और ‘इंडस्ट्री 4.0’ विजन के तहत, बिहार ITI में कई नए जमाने के ट्रेड भी शामिल किए गए हैं। इनमें ‘एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग तकनीशियन – 3D प्रिंटिंग’ (Additive Manufacturing Technician – 3D Printing), ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रोग्रामिंग असिस्टेंट’ (AI Programming Assistant), और ‘तकनीशियन मेक्ट्रोनिक्स’ (Technician Mechatronics) शामिल हैं । ये ट्रेड छात्रों को भविष्य की रोबोटिक्स और स्वचालन (Automation) आधारित औद्योगिक मांगों के लिए तैयार कर रहे हैं।
9. अकादमिक विभाजन को पाटना: 12वीं कक्षा के समकक्ष मान्यता (12th Equivalency through BSEB)
ऐतिहासिक रूप से, भारत की शिक्षा प्रणाली में ‘व्यावसायिक शिक्षा’ (Vocational Education – Blue-collar) और ‘मुख्यधारा की शिक्षा’ (Mainstream Academic Education – White-collar) के बीच एक बड़ा विभाजन रहा है। 10वीं के बाद ITI करने वाले छात्रों को ‘अंडरग्रेजुएट’ डिग्री (जैसे B.A., B.Sc., B.Com) या उन प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने में कठिनाई होती थी जहाँ न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता ’12वीं (इंटरमीडिएट) पास’ मांगी जाती थी।
इस खाई को पाटने और ITI छात्रों को मुख्यधारा की उच्च शिक्षा से जोड़ने के लिए, बिहार सरकार और बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने एक क्रांतिकारी नीति लागू की है।
9.1 औद्योगिक प्रशिक्षण उच्च माध्यमिक स्तरीय भाषा परीक्षा
BSEB द्वारा विशेष रूप से ITI छात्रों के लिए ‘औद्योगिक प्रशिक्षण उच्च माध्यमिक स्तरीय भाषा परीक्षा’ (Industrial Training Higher Secondary Level Language Exam) का आयोजन किया जाता है ।
- पात्रता: कोई भी छात्र जो ITI (कम से कम 2 वर्षीय ट्रेड) का प्रथम वर्ष उत्तीर्ण कर चुका है, या द्वितीय वर्ष में अध्ययनरत है, अथवा ITI पूरा कर चुका है, वह इस परीक्षा के लिए BSEB पोर्टल (ithsllsecondary.biharboardonline.com) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकता है ।
- परीक्षा संरचना: इस परीक्षा प्रणाली की सबसे बड़ी सुविधा यह है कि छात्रों को भौतिकी, रसायन विज्ञान या गणित की परीक्षा नहीं देनी होती। उन्हें केवल किन्हीं दो ‘भाषा विषयों’ (Language Subjects) का चयन कर उनकी परीक्षा देनी होती है। आवेदन पत्र के अनुसार, छात्र हिंदी, अंग्रेजी या उर्दू में से किन्हीं दो भाषाओं का चयन कर सकते हैं ।
- प्रमाणीकरण (Certification): जो छात्र इन दोनों भाषा परीक्षाओं को सफलतापूर्वक उत्तीर्ण कर लेते हैं, उन्हें BSEB द्वारा आधिकारिक ‘कक्षा 12 (इंटरमीडिएट) के समकक्ष प्रमाण पत्र’ (Class 12 Equivalent Certificate) प्रदान किया जाता है ।
- दूरगामी लाभ: इस प्रमाण पत्र के आधार पर, ITI पासआउट छात्र अब सीधे विश्वविद्यालयों में स्नातक (Graduation) प्रथम वर्ष में प्रवेश ले सकते हैं। इसके साथ ही, वे बिहार पुलिस, BSSC इंटर-लेवल परीक्षा , SSC CHSL, और सेना में क्लर्क जैसे पदों के लिए पात्र हो जाते हैं । यह नीति कौशल विकास और पारंपरिक शिक्षा के बीच एक निर्बाध ‘क्रॉस-मोबिलिटी’ सुनिश्चित करती है।
10. वित्तीय सशक्तिकरण: छात्रवृत्ति और कल्याणकारी योजनाएं (Scholarships & Financial Aid)
तकनीकी शिक्षा को समाज के अंतिम पायदान तक पहुँचाने और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को वित्तीय बाधाओं से मुक्त करने के लिए, बिहार सरकार के श्रम संसाधन विभाग और भारत सरकार द्वारा कई महत्वाकांक्षी छात्रवृत्ति योजनाएं (Scholarship Schemes) संचालित की जा रही हैं।
10.1 बिहार पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना (Post-Matric Scholarship Scheme – Bihar)
यह बिहार सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसे विशेष रूप से उन छात्रों के लिए डिज़ाइन किया गया है जो राज्य के वंचित और हाशिए के समुदायों से आते हैं। यह योजना 10वीं के बाद (Post-Secondary) के पाठ्यक्रमों के लिए शैक्षिक खर्चों को कवर करती है ।
- पात्रता मानदंड (Eligibility):
- आवेदक बिहार राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए ।
- छात्र का प्रवेश राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त किसी ITI संस्थान में होना चाहिए ।
- आय सीमा: योजना का लाभ उठाने के लिए परिवार की वार्षिक आय की एक सीमा निर्धारित की गई है। अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) के छात्रों के लिए परिवार की वार्षिक आय ₹2,50,000/- से अधिक नहीं होनी चाहिए। वहीं, अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC / BC) के लिए यह सीमा ₹3,00,000/- निर्धारित की गई है ।
- अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति (SC/ST) पोर्टल: एससी और एसटी वर्ग के छात्रों के लिए बिहार सरकार एक अलग समर्पित पोर्टल (scstpmsonline.bihar.gov.in) संचालित करती है ।
- आवेदन प्रक्रिया और DBT प्रणाली: छात्रों को आधिकारिक PMS पोर्टल (pmsonline.bihar.gov.in) पर पंजीकरण करना होता है । इस प्रक्रिया में आधार सत्यापन, मोबाइल सत्यापन और बैंक खाते का विवरण दर्ज करना शामिल है । सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह है कि छात्र का बैंक खाता आधार से ‘NPCI (National Payments Corporation of India) मैप्ड’ (Aadhaar Seeded) होना चाहिए । यह सुनिश्चित करता है कि छात्रवृत्ति की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से बिना किसी बिचौलिए के सीधे छात्र के बैंक खाते में जमा हो।
10.2 राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (National Scholarship Portal – NSP)
राज्य की योजनाओं के अतिरिक्त, ITI छात्र केंद्र सरकार के ‘राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस योजना’ (NeGP) के तहत संचालित राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (NSP) के माध्यम से भी वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकते हैं ।
- NSP एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो एक SMART (Simplified, Mission-oriented, Accountable, Responsive, Transparent) प्रणाली का उपयोग करता है ।
- यदि कोई ITI छात्र अल्पसंख्यक समुदाय (Minority Community) से संबंधित है, या वह केंद्र सरकार के किसी विशिष्ट मंत्रालय (जैसे श्रम मंत्रालय या कौशल विकास मंत्रालय) की किसी मेधा-सह-साधन (Merit-cum-Means) छात्रवृत्ति के योग्य है, तो वह NSP के माध्यम से आवेदन कर सकता है। यहाँ भी निधियों का रिसाव (Leakage) रोकने के लिए DBT का ही प्रयोग किया जाता है ।
10.3 UMANG ऐप एकीकरण
छात्रों की सुविधा के लिए, बिहार पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति सेवाओं को भारत सरकार के UMANG ऐप के साथ भी एकीकृत किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र जिनके पास कंप्यूटर तक पहुंच नहीं है, वे UMANG ऐप के माध्यम से अपने मोबाइल पर ही अपने छात्रवृत्ति आवेदन की प्रगति (Application Status) की निगरानी कर सकते हैं और संस्थानों के पाठ्यक्रमों की जानकारी खोज सकते हैं ।
11. करियर प्रक्षेपवक्र, रोजगार क्षेत्र और विस्तृत वेतनमान (Career Trajectories & Salary Packages)
ITI प्रमाणीकरण (विशेष रूप से NCVT द्वारा जारी ‘राष्ट्रीय व्यापार प्रमाण पत्र’ – National Trade Certificate) का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह छात्रों को तुरंत रोजगार के बाजार में प्रवेश करने के योग्य बनाता है । बिहार के ITI स्नातकों के लिए सरकारी विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) और निजी बहुराष्ट्रीय कंपनियों में विविध करियर विकल्प मौजूद हैं।
11.1 सबसे बड़े नियोक्ता के रूप में भारतीय रेलवे (Indian Railways)
भारतीय रेलवे ITI पासआउट्स, विशेषकर फिटर, इलेक्ट्रीशियन और मैकेनिक डीजल ट्रेड के छात्रों के लिए भारत का सबसे बड़ा और सबसे प्रतिष्ठित नियोक्ता है ।
- असिस्टेंट लोको पायलट (RRB ALP): रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) नियमित रूप से ALP पदों के लिए रिक्तियां जारी करता है। हाल ही की एक अधिसूचना (CEN No. 01/2026) के अनुसार, रेलवे ने देश भर के विभिन्न जोनों में ‘लेवल-2 असिस्टेंट लोको पायलट’ के लिए 11,127 रिक्तियों की घोषणा की है (जिसकी आवेदन प्रक्रिया 15 मई से 14 जून 2026 तक संचालित है) ।
- पात्रता: उम्मीदवार के पास 10वीं पास के साथ-साथ किसी भी प्रासंगिक ट्रेड में ITI का प्रमाण पत्र (या डिप्लोमा/डिग्री) होना अनिवार्य है ।
- चयन प्रक्रिया: यह एक कठोर प्रक्रिया है जिसमें कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT I और CBT II), कंप्यूटर आधारित एप्टीट्यूड टेस्ट (CBAT), दस्तावेज़ सत्यापन, और सख्त चिकित्सा परीक्षण (विशेष रूप से आंखों की दृष्टि का परीक्षण ए-1 मानक का) शामिल है ।
- वेतनमान: ALP का प्रारंभिक मूल वेतन सातवें वेतन आयोग (7th CPC) के पे मैट्रिक्स ‘लेवल 2’ के तहत ₹19,900/- निर्धारित है । हालांकि, इसमें महंगाई भत्ता (DA), परिवहन भत्ता (TA), मकान किराया भत्ता (HRA) और रेलवे की सबसे आकर्षक विशेषता ‘किलोमीटर भत्ता’ (Running Allowance) जुड़ने के बाद, प्रारंभिक इन-हैंड वेतन आसानी से ₹30,000 से ₹35,000 प्रतिमाह तक पहुँच जाता है ।
11.2 बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (BSPHCL)
बिहार सरकार के ऊर्जा विभाग के अंतर्गत कार्यरत BSPHCL, राज्य के ITI इलेक्ट्रीशियन छात्रों के लिए सबसे बड़ा सपना है। BSPHCL नियमित रूप से ‘तकनीशियन ग्रेड-III’ (Technician Grade-III), ‘असिस्टेंट ऑपरेटर’ (Assistant Operator), ‘जूनियर लाइनमैन’ (Junior Lineman) और ‘स्विच बोर्ड ऑपरेटर’ जैसे तकनीकी पदों पर बंपर भर्तियां करता है ।
- रिक्तियां: उदाहरण के लिए, हालिया रोजगार सूचना (Employment Notice 05/2024) में अकेले तकनीशियन ग्रेड-III के लिए विभिन्न श्रेणियों में रिक्तियां जारी की गईं, जिसमें इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में 2 वर्ष का ITI प्रमाण पत्र अनिवार्य था ।
- वेतनमान और परिवीक्षा अवधि (Probation): BSPHCL की वेतन संरचना काफी विशिष्ट है। नियुक्ति के बाद पहले एक वर्ष के लिए उम्मीदवारों को परिवीक्षा (Probation) पर रखा जाता है। इस अवधि के दौरान उन्हें ₹9,200 – ₹15,500 के बीच एक समेकित (Consolidated) वेतन दिया जाता है ।
- स्थायीकरण के बाद वेतन: एक वर्ष की परिवीक्षा अवधि सफलतापूर्वक पूरी करने के बाद, तकनीशियन या लाइनमैन को नियमित वेतनमान ‘पे लेवल 4’ (Pay Level 4) में अपग्रेड कर दिया जाता है ।
- इन-हैंड वेतन संरचना: ‘लेवल 4’ में आने के बाद, मूल वेतन के साथ DA, HRA (शहर के अनुसार 10-30%), चिकित्सा भत्ता और अन्य लाभ जुड़ते हैं। भविष्य निधि (PF) और करों की कटौती के बाद, एक तकनीशियन या ऑपरेटर का इन-हैंड वेतन लगभग ₹26,000 से ₹28,000 प्रतिमाह हो जाता है ।
- अन्य पद: ITI के COPA ट्रेड वाले छात्र BSPHCL में ‘जूनियर अकाउंट्स क्लर्क’ और ‘स्टोर असिस्टेंट’ (लेवल 5, इन-हैंड ₹25,000-₹27,000) जैसे पदों के लिए भी आवेदन कर सकते हैं ।
11.3 अन्य सरकारी और PSU अवसर (Other Govt & PSU Jobs)
उपरोक्त दो प्रमुख नियोक्ताओं के अलावा, ITI पासआउट्स के लिए निम्नलिखित क्षेत्रों में लगातार अवसर उत्पन्न होते हैं :
- रक्षा और अर्धसैनिक बल: भारतीय सेना (Indian Army), नौसेना (Navy), सीमा सुरक्षा बल (BSF), और CRPF में विभिन्न ट्रेड्समैन और तकनीशियन पदों पर भर्तियां होती हैं।
- सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSUs): भेल (BHEL), गेल (GAIL), ओएनजीसी (ONGC), आईओसीएल (IOCL), और इसरो (ISRO) जैसी महारत्न और नवरत्न कंपनियां ‘अटेंडेंट ऑपरेटर’ या ‘टेक्निकल असिस्टेंट’ के पदों पर ITI छात्रों को नियुक्त करती हैं।
- राज्य स्तरीय पद: बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) के माध्यम से ‘ITI इंस्ट्रक्टर’ की नियुक्तियां की जाती हैं, जो कि एक उच्च श्रेणी का पद है (पे स्केल ₹9300-34800, पे मैट्रिक्स लेवल 6) । इसके अलावा ‘विशेष सर्वेक्षण कानूनगो’ (वेतन ₹36,000 प्रतिमाह) जैसे पद भी उपलब्ध होते हैं ।
- ड्राइवर और अन्य पद: भारी वाहन चलाने के लिए लाइसेंस धारक ITI (मैकेनिक मोटर व्हीकल) छात्र सरकारी विभागों में ड्राइवर के पदों पर नियुक्त होते हैं, जहाँ राष्ट्रीय औसत वेतन लगभग ₹2,27,747 प्रति वर्ष होता है ।
11.4 निजी क्षेत्र की नौकरियां और स्वरोजगार (Private Sector & Self-Employment)
निजी क्षेत्र ITI स्नातकों के लिए सबसे विशाल और विविधतापूर्ण रोजगार बाजार प्रदान करता है ।
- विनिर्माण और ऑटोमोबाइल: विनिर्माण इकाइयां, निर्माण कंपनियाँ, टाटा मोटर्स, मारुति सुजुकी, और हीरो मोटोकॉर्प जैसी ऑटोमोबाइल कंपनियाँ उत्पादन लाइन (Production line) पर काम करने के लिए मशीन ऑपरेटरों, फिटर और टर्नर की बड़े पैमाने पर भर्ती करती हैं ।
- वेतन और विकास: निजी क्षेत्र में प्रवेश स्तर (Entry-level) का वेतन थोड़ा कम हो सकता है (लगभग ₹2.0 लाख से ₹3.0 लाख प्रति वर्ष, या ₹15,000 – ₹25,000 प्रतिमाह)। हालांकि, जैसे-जैसे तकनीशियन अनुभव प्राप्त करता है और कौशल उन्नयन करता है, वेतन में तेजी से वृद्धि होती है, और वह ‘सुपरवाइजर’ (Supervisor) स्तर तक पदोन्नत होकर ₹5.0 लाख से ₹6.0 लाख प्रति वर्ष तक कमा सकता है ।
- स्वरोजगार (Self-Employment): इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर और रेफ्रिजरेशन मैकेनिक (RAC) ट्रेड के छात्र अपना खुद का सर्विस सेंटर या वर्कशॉप खोलकर उद्यमी (Entrepreneur) बन सकते हैं, जो ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में एक लाभदायक व्यवसाय है ।
11.5 उच्च शिक्षा और कौशल उन्नयन (Apprenticeship & Higher Diploma)
जो छात्र तुरंत नौकरी करने के बजाय अपने कौशल को और निखारना चाहते हैं, उनके लिए कई उन्नत विकल्प मौजूद हैं :
- शिक्षुता (Apprenticeship Training): ‘अपरेंटिस एक्ट 1961’ के तहत, ITI पासआउट्स विभिन्न सरकारी प्रतिष्ठानों (जैसे रेलवे वर्कशॉप, ऑर्डनेंस फैक्ट्री) और निजी कंपनियों में 1 या 2 साल की अप्रेंटिसशिप कर सकते हैं। इसके दौरान उन्हें स्टाइपेंड मिलता है, और यह अनुभव उन्हें उसी कंपनी में स्थायी नौकरी (Permanent Employment) दिलाने में प्रवेश द्वार का काम करता है ।
- शिल्प प्रशिक्षक प्रशिक्षण योजना (CITS – Crafts Instructor Training Scheme): यदि कोई ITI छात्र भविष्य में प्रशिक्षण संस्थानों में ‘शिक्षक’ (Instructor) बनना चाहता है, तो वह DGT द्वारा संचालित ‘CITS’ कोर्स कर सकता है। DGT के नियमों के अनुसार, ITI संस्थानों में नियुक्त होने वाले प्रशिक्षकों (Instructors) के पास NCIC (National Craft Instructor Certificate) होना अनिवार्य है । यह कोर्स करने के बाद छात्र राज्य सरकार के ITI कॉलेजों में सरकारी शिक्षक के पद (BSSC ITI Instructor) पर नियुक्त हो सकते हैं।
- पॉलिटेक्निक डिप्लोमा (Lateral Entry to Polytechnic): उच्च तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक ITI पासआउट सीधे पॉलिटेक्निक (Diploma in Engineering) के ‘द्वितीय वर्ष’ (Lateral Entry) में प्रवेश ले सकते हैं । इसके बाद वे जूनियर इंजीनियर (Junior Engineer) बनने की राह पर आगे बढ़ सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1: क्या मैं 10वीं के तुरंत बाद आईटीआई कर सकता हूँ? और इसके लिए उम्र कितनी होनी चाहिए? जवाब: हाँ, आप 10वीं पास करने के तुरंत बाद आईटीआई कर सकते हैं। एडमिशन के लिए आपकी उम्र कम से कम 14 साल होनी चाहिए । अगर आप मोटर मैकेनिक या ट्रैक्टर मैकेनिक का कोर्स करना चाहते हैं, तो उम्र 17 साल होनी चाहिए । अच्छी बात यह है कि आईटीआई करने की कोई अधिकतम (Maximum) उम्र सीमा नहीं है ।
2: क्या आईटीआई करने से 12वीं (इंटरमीडिएट) की डिग्री मिल सकती है? जवाब: बिलकुल! बिहार बोर्ड (BSEB) के नए नियम के अनुसार, अगर आप 2 साल का आईटीआई कोर्स कर रहे हैं, तो आप सिर्फ हिंदी और इंग्लिश (या उर्दू) का परीक्षा देकर 12वीं (इंटरमीडिएट) के समकक्ष मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेट ले सकते हैं । इसके बाद आप सीधे ग्रेजुएशन में एडमिशन ले सकते हैं ।
3: NCVT और SCVT में क्या फर्क है? कौन सा ज्यादा अच्छा है?
जवाब: NCVT पूरे भारत स्तर (नेशनल) का सर्टिफिकेट है, जबकि SCVT केवल राज्य (स्टेट) स्तर का है। अगर आप रेलवे या किसी भी सेंट्रल गवर्नमेंट की नौकरी में जाना चाहते हैं, तो NCVT बेहतर होता है क्योंकि यह पूरे देश में बिना किसी दिक्कत के मान्य होता है।
4: ITI करने के बाद रेलवे में ड्राइवर (लोको पायलट) कैसे बन सकते हैं? जवाब: रेलवे में ‘असिस्टेंट लोको पायलट’ (ALP) बनने के लिए आपका 10वीं पास होने के साथ-साथ फिटर, इलेक्ट्रीशियन या मैकेनिक डीजल जैसी ट्रेड में आईटीआई होना जरूरी है । इसकी शुरुआती इन-हैंड सैलरी लगभग 30,000 से 35,000 रुपये महीने तक होती है ।
5: बिहार में ITI एडमिशन फॉर्म भरने की फीस कितनी लगती है? जवाब: अगर आप जनरल (General) या ओबीसी (OBC) कैटेगरी से हैं, तो फॉर्म की फीस 550 रुपये लगती है। वहीं, अगर आप एससी (SC) या एसटी (ST) वर्ग से आते हैं, तो आपको सिर्फ 100 रुपये देने होते हैं ।
6: क्या मुझे पढ़ाई के लिए सरकार से पैसा (स्कॉलरशिप) मिल सकता है? जवाब: हाँ, बिल्कुल! बिहार सरकार ईबीसी (EBC), ओबीसी (OBC), एससी और एसटी छात्रों को ‘पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप’ (PMS) देती है । इसके अलावा ‘बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना’ के तहत भी आईटीआई छात्रों को आर्थिक मदद मिल सकती है।
7: बिजली विभाग (BSPHCL) में आईटीआई पास को कितनी सैलरी मिलती है? जवाब: बिहार बिजली विभाग में नौकरी लगने के बाद पहले एक साल की ट्रेनिंग (प्रोबेशन) के दौरान हर महीने लगभग 9,200 रुपये से 15,500 रुपये मिलते हैं । एक साल बाद जब आप परमानेंट हो जाते हैं, तो आपकी ‘इन-हैंड’ सैलरी बढ़कर 26,000 रुपये से 28,000 रुपये प्रति माह तक हो जाती है ।
8: ITI एडमिशन की काउंसलिंग के समय कौन-कौन से डॉक्यूमेंट्स जरूरी होते हैं? जवाब: एडमिशन के समय आपको 10वीं का एडमिट कार्ड और मार्कशीट, स्कूल छोड़ने का सर्टिफिकेट (SLC), निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, 6 पासपोर्ट साइज फोटो, मेडिकल रिपोर्ट और ITICAT का पार्ट-A/पार्ट-B फॉर्म चाहिए होता है ।
9: क्या एंट्रेंस एग्जाम (ITICAT) में निगेटिव मार्किंग (नंबर कटना) होती है? जवाब: नहीं, बिहार आईटीआई के एंट्रेंस एग्जाम में कोई निगेटिव मार्किंग नहीं होती है । परीक्षा में कुल 150 सवाल होते हैं और हर सही जवाब के 2 नंबर मिलते हैं (कुल 300 नंबर का पेपर) । इसलिए परीक्षा में सभी 150 सवालों के जवाब देकर आना चाहिए।
10: क्या आईटीआई में लड़कियों के लिए भी कोई आरक्षण है? जवाब: हाँ, लड़कियों के लिए राज्य भर के कॉलेजों में 3% सीटें (RCG कोटा) अलग से आरक्षित होती हैं । इसके अलावा, बिहार सरकार ने खास तौर पर ‘महिला आईटीआई’ (WITI) कॉलेज भी खोले हैं, जहाँ 100% सीटें सिर्फ लड़कियों के लिए ही रिज़र्व होती हैं ।